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शहर कहाँ बसता है?
तिलहर को एक लाल बिजली के खंभे की नज़र से देखिए, एक ऐसा खंभा जो तीस साल से एक ही तिराहे पर खड़ा है और इस कस्बे को बदलते हुए देखता आया है। उसके सामने बरगद और मजार गायब हो गए, मैदानों की जगह दीवारें खड़ी हो गईं, पुरानी लाइब्रेरी और टॉकीज़ बंद हो गईं। फिर भी कुछ चीज़ें बची हैं, पीरगाह तालाब, पुरानी मीनारें, बरूले की खुशबू और वे लोग, जो दूर चले जाने के बाद भी लौटते रहते हैं।
एक लड़का जब अपने कस्बे में लौटता है, तो उसके साथ लौटती हैं वे जगहें जो अब वहाँ नहीं हैं। यह तिलहर की उन्ह
Sep 2312 min read
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