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नागरिक-संचालित शासन
भारत के छोटे शहर इन दिनों तेज़ी से बदल रहे हैं, चाहे बात सड़कों और इमारतों की हो या फिर सामाजिक सुविधाओं की। सरकारें इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं, उसी के साथ लोगों की इन बदलावों में भागीदारी इस पूरे बदलाव को संतुलित कर रही है। मोहल्लों के ग्रुप, स्थानीय संगठन और खुद नागरिक अपने शहर के काम-काज में ज़्यादा जुड़ रहे हैं और यह तय करने में मदद कर रहे हैं कि शहर चलना कैसे चाहिए।
Dec 5, 20256 min read
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